“मुस्लिमों के मरने वाले बच्चे जन्नत में एक पहाड़ पर होते हैं, और जब तक उन्हें उनके माता-पिता को नहीं सौंपा जाता, तब तक उनकी देखभाल हज़रत इब्राहिम और उनकी पत्नी सारा करती हैं।” इस हदीस से “जन्नत में जाने वाले काफ़िर बच्चों के नौकर होने” की व्याख्या करें?

प्रश्न विवरण

नबी साहब (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने छोटे बच्चों के बारे में फरमाया था: “मुस्लिमों के मरने वाले बच्चे जन्नत में एक पहाड़ पर हैं। क़यामत के दिन अपने माता-पिता को सौंपे जाने तक उनकी देखभाल हज़रत इब्राहीम (अ) और उनकी पत्नी हज़रत सारा करती हैं।” इस हदीस की व्याख्या करें। साथ ही मैंने एक हदीस सुनी है जिसमें कहा गया है कि जन्नत में जाने वाले काफ़िर बच्चे नौकर होते हैं। उनका क्या गुनाह है कि वे नौकर बन जाते हैं?

उत्तर

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